बुधवार, 2 जून 2004

इंद्र की नगरी इंदौर

इंदौर आने के मौके बार बार नहीं लगते, खासकर जब इंदौर में सोफ्टवैयर कंपनीयाँ ज्यादा नहीं हैं। तो जब माईक्रोसोफ्ट ने MSDN यात्रा का न्योता दिया तो तुरंत झपट लिया। ईस बार .NET interoperability पर session है। फिर कुछ दिन छुट्टिया और मित्रों के साथ पुराने दिनों की याद ताज़ा करना। और उसके पश्चात वापस मुंबई पहुँच कर कोल्हू के बैल जैसे वापस जुत जाना।

6 टिप्‍पणियां:

आलोक ने कहा…

हूँ, इन्द्र की नगरी - यह तो सोचा नहीं था मैंने। विक्रमादित्य की नगरी कौन सी थी?

Vaibhav ने कहा…

Hi Sanjay,

Main bahut dino se soch raha hoon Orkut ke bare me but mujhe aaj tak kisi ne aamantran nahee bheja hai. Kyaa aap mujhe aamantrit kar sakte hain? Maine bhi chota sa ek blogger start kiya hai jiska link aap ki site me bhi hai "Prasang", main bahut dino se kuch likh nahee paya hoon, kaam ke vyastata ke kara. Main Bharat ke Chhattisgarh prant se hoon aur Australia me pichle kuch ek 4 saalon se hoon. Aapke jawab ke intezar me.. Vaibhav (Vaibhav@ozdocs.com.au)

with warmest regards,

hindipremi ने कहा…

आलोक जी आपने भी कैसी बात पूछी है मजाक कर रहे हैं या वाकई जानना चाहते हैं।
उज्जैन विक्रमादित्य की नगरी है, थी नहीं।
चन्द्रकांत जोशी
मुंबई

hindipremi ने कहा…

संजयजी मैं भी आपके पड़ोस का ही हूँ और इन दिनों मुंबई में ही हूँ। क्या आप मुझसे संपर्क करेंगे।

चन्द्रकांत जोशी
मुंबई
E mail- satmedia@gmail.com

संजय विद्रोही ने कहा…

Mere "NAMRASHI",

Tumhara Blog dekha....bahut badhiya. Ek Bar phir pramanit ho gaya ki is naam walon mein kuch "Extra" jaroor lagaya hai uparwale ne. Khair,...achchha likh rahe ho...badhai.

..baat nikli hai to ab door tak jani chahiye.

Tumhara,
"NAMRASHI" ( Log Bande ko 'Vidrohi' kahte hain)

अनुनाद सिंह ने कहा…

जागो भिया , कब तक सोये रहोगे |